‘टॉप स्टेशन’ से भेजी जाती थी मुन्नार की चाय

115832877_1434208540106053_792907502791691356_o
टॉप स्टेशन

यह फ़ोटो हमारी केरल यात्रा के चिरस्मरणीय पल को याद दिलाती है। इस जगह का नाम है ‘टॉप स्टेशन’। यूँ तो यह जगह तमिलनाडु में पड़ती है लेकिन यह जगह बाहरी दुनिया से केरल के रास्ते ही जुड़ी है। इस जगह पर आप बादलों को अपने साथ साथ उड़ता हुआ देख सकते हैं। अपने आप को बादलों जैसे ही हल्का महसूस कर सकते हैं। यहाँ पर स्वयं को आकाश में पाने जैसे अनुभूति अदभुत है। यहाँ होने वाली बारिश की बूंदे जहाँ आपके तन को भिगोती हैं वहीं आपके मन और मस्तिष्क को भी तरो-ताज़ा कर डालती हैं।

1381841_166224000237853_310259299_n
टॉप स्टेशन

यह जगह मुन्नार-कोडाइकनाल मार्ग पर मुन्नार से करीब तीस किलोमीटर आगे तमिलनाडु के थेनि ज़िले में पड़ती है जो केरल के इडडूकि ज़िले से लगा हुआ है। यहाँ से आप पश्चिमी घाट्स की पर्वतमाला के मनोरम दृश्यों को निहार सकते हैं। यहाँ तक आते हुए कानन देवी हिल्स में पैदा होने वाली बेहतरीन चाय की सुगन्ध आपको यहीं पर रुक जाने को विवश कर देती है। एक समय में कानन देवी हिल्स में पैदा होने वाली मुन्नार की चाय को केरल से तमिलनाडु तक पहुँचाने के लिए यहाँ तक ट्रेन से लाया जाता है। 6000 फ़ीट से भी ज्यादा ऊँचाई पर तब स्थित यह रेलवे स्टेशन कुंडला घाटी का सबसे ऊँचा व अंतिम रेलवे स्टेशन हुआ करता था। रेल से भी पहले चाय को मोनोरेल से यहाँ लाया जाता था। फिर रोपवे के द्वारा नीचे वाले स्टेशन कोत्तगुड़ी तक भेजा जाता था जो ‘बॉटम स्टेशन’ के नाम से जाना जाता था और वहाँ से गाड़ियों पर लादकर बोदिनायक्कनुर रेलवे स्टेशन तक ले जाया जाता और फिर वहाँ से चाय आगे देश के अलग-अलग भागों में व इंग्लैंड भी भेजी जाती थी।

1381841_166224000237853_310259299_n
टॉप स्टेशन

बारह साल में एक बार खिलने वाला फूल नीलकुरिंजी भी इसी क्षेत्र में ही पाया जाता है। इस फूल के खिलने पर चारों तरफ नीली छटा बिखरने लगती है।

-सचिन देव शर्मा 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s